कोरोना ने इंसान को अचानक आध्यात्मिक बना दिया।जिनके पास कभी समय नहीं होता था,कि 2 पल ईश्वर को याद कर लें वो 1 घंटा रामायण महाभारत श्री कृष्णा देखने लगे।रेडियो दूरदर्शन को सरकारी भोंपू बोलने वाले अब उन्हीं की तारीफ़ करने लगे।चैनल्स की भीड़ में,चिल्ल पो में अब दूरदर्शन आकाशवाणी ही शांति से विश्वसनीय खबरें देते दिखाई दे रहे हैं।संतुलन के साथ, बिना कोई ख़ौफ़ पैदा किये।अनुभवी डॉक्टरों से चर्चा,जिम्मेदार अधिकारियों से सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी,कोरोना से बचाव के उपाय आदि।
काश कि लोग अपनी आस्था को आगे भी जीवित रखें।सही को देखें, ग़लत को छोड़ें।पशु पक्षियों प्रकृति से जुड़े रहें।खान पान अच्छा लेते रहें।ताकि कोरोना जैसे दुश्मनों से जीत सकें।
Thanks
ReplyDeleteबिल्कुल सही,tv चैनल्स की इस भीड़ में नेशनल चैनल ही उपयुक्त लगता है। पुरानी कहावतें गलत नहीं थीं(हैं) old is gold, अनेकों संदर्भ में ये सही है।
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